उत्तर भारत में ‘सूखी सर्दी’ का अकाल, तो महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश का अलर्ट
देश भर में इस साल मौसम का मिजाज काफी अलग और चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। उत्तर भारत में इस बार सर्दियों की बारिश और बर्फबारी का एक तरह से ‘अकाल’ पड़ा हुआ है। पहाड़ों पर ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ (Western Disturbance) की कमी के कारण उत्तराखंड, शिमला और मनाली जैसे इलाकों में अभी तक वैसी बर्फबारी नहीं हुई है, जैसी आमतौर पर इस समय होती है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में कड़ाके की ठंड जारी है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है।
मैदानी इलाकों में घने कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण ‘शीत दिवस’ (Cold Day) जैसी स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में कोहरे की घनी परत की वजह से सूरज की रोशनी जमीन तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। राजस्थान के उत्तरी हिस्सों और मध्य प्रदेश में भी शीतलहर का प्रकोप है, जबकि दक्षिण राजस्थान और गुजरात में दिन के समय धूप निकलने से मौसम थोड़ा आरामदायक बना हुआ है।
दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति बिल्कुल विपरीत है। बंगाल की खाड़ी में बने ‘डीप डिप्रेशन’ (Deep Depression) के कारण श्रीलंका और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान चेन्नई, पुडुचेरी और नागापट्टनम सहित तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसका असर केरल और दक्षिण कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में भी देखने को मिलेगा, जहां मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।
महाराष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि काफी समय के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बन रही है। मराठवाड़ा के लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़ और सोलापुर के साथ-साथ दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में भी बादलों की आवाजाही के साथ बारिश के आसार हैं।
संक्षेप में, उत्तर भारत इस समय ‘सूखी सर्दी’ और कोहरे की चपेट में है, जो रबी की फसलों के लिए चिंता का विषय है, जबकि दक्षिण और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश राहत और आफत दोनों लेकर आ सकती है।